राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व

लेख में आप राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व के बारे में जानकारी प्राप्त करने जा रहे हैं क्योंकि मैंने इस लेख में राजस्थान के कुछ प्रमुख व्यक्तित्व के बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करने का प्रयास किया है।

प्रमुख व्यक्तित्व

सबसे पहले मैं आपको यही बता दूं कि यह लेख आपको राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए लिखा गया है सिर्फ कुछ व्यक्तित्व के बारे में आपको जानकारी मिलेगी अतः इस लेख को सभी व्यक्तित्व के आधार पर न समझे।

राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व

केसरी सिंह बारहठ

सबसे पहले हम केसरी सिंह बारहठ के बारे में जानकारी प्राप्त कर लेते हैं क्या देखी केसरी सिंह बारहठ का जन्म शाहपुरा यानी भीलवाड़ा में हुआ था।

केसरी सिंह भारत थे वह सिंगर कवि और राजस्थान के महान देशभक्तों में गिने जाते हैं बता दे कि इन्होंने ही अभिनव भारती की स्थापना की थी।

निम्न ग्रंथों की रचना की थी जो प्रताप चरित्र दुर्गादास चरित्र और रूठी रानी में से एक है साथ ही आप यह भी जान ले कि 1930 ईस्वी में मेवाड़ के महाराणा फतेह सिंह को दिल्ली जाते समय इन्होंने चेतावनी रा चूंगट्या नामक 1300 वेट किए थे।

जिन्होंने पढ़कर महाराणा का स्वाभिमान जागृत हुआ और वह कर्जन द्वारा एडवर्ड सातवें के सम्मान में आयोजित दिल्ली दरबार में सम्मिलित नहीं हुए थे।

आपको बता दें कि भारत ने अपने पुत्र प्रतापसिंह बारहठ से कहा था कि बेटे यह प्रण करने वालों से छीनी जाती है आजादी मिलती नहीं हासिल की जाती है।

संघर्ष से और संघर्ष की कीमत होती है वह हमें चुकानी है यह भी कहा था कि बेटा मैं तुम्हारी दीर्घायु की कामना क्या करूं यह तो कष्ट पूर्ण यात्रा है।

भारत माता के लाडले मनोज तुम्हारा नाम प्रताप है तो प्रताप ही बनो अपने मन को नाम को सार्थक करो तो यह सिंह भारत के बारे में जानकारी।

प्रतापसिंह बारहठ

अभी ऊपर आपने राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व के अंतर्गत पहले व्यक्तित्व केसरी सिंह भारत के बारे में पढ़ा नहीं बेटे भारत के बारे में पढ़ लेते हैं।

आपको बता दें कि प्रताप सिंह के पिता केसरी सिंह और चाचा जोरावर सिंह प्रसिद्ध क्रांतिकारी थे आप ही है।

भाई जान ले कि 23 दिसंबर 1912 को लॉर्ड हार्डिंग पर बम फेंकने के प्रकार में उनके चाचा जोरावर सिंह भारत के साथ ही थे।

अभियोग में उनको गिरफ्तार कर लिया था और 21 फरवरी 1915 की सशस्त्र आंतरिक के लिए शस्त्र जुटाने भी इनको ही कहा गया था।

देखि प्रताप सिंह को बरेली जेल में घोर यातनाएं भी दी गई थी उन्होंने कहा था कि मेरी मां रोती है तो उसे रोने दो जिससे सैकड़ों माताओं को न रोना पड़े यदि मैंने दिल का भेद खोल दिया तो यह मेरी वास्तविक मृत्यु होगी और मेरी माता पर अमित कलंक यह 27 मई 1918 फिल्में ही पुरुष यात्रियों से इनकी मृत्यु हो गई थी।

माणिक्य लाल वर्मा

अभी तक इस लेख में आप राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व के अंतर्गत दो व्यक्तित्व के बारे में पढ़ चुके हैं अब आप माणिक्य लाल वर्मा के बारे में भी थोड़ी जानकारी प्राप्त कर लीजिए।

देखी मेवाड़ प्रजामंडल के संस्थापक माणिक्य लाल वर्मा ही थे लोकगीत भी रचा था जो बहुत ज्यादा प्रसिद्ध हुआ था।

आप यह भी जानने की 1934 ईस्वी में सागवाड़ा के पास खंड लाई आश्रम भी इन्होंने ही स्थापित किया था।

अर्जुन लाल सेठी

अब हम अर्जुन लाल सेठी के बारे में भी थोड़ी जानकारी प्राप्त कर लेते हैं बता दे कि जयपुर में जनचेतना का सूत्रपात अर्जुन लाल सेठी नहीं किया था।

कल सेटिंग को राष्ट्र राजपूताने में राष्ट्रीयता का जन्म दाता दाता भी माना जाता है बीसवीं शताब्दी के प्रारंभिक वर्षों में राजस्थान में क्रांतिक गतिविधियों के सर्जन का श्रेय अभी से ठीक हो ही जाता है।

डॉक्टर विक्रम शेट्टी

अभी तक आप इस लेख में राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व के अंतर्गत बहुत से व्यक्तित्व के बारे में पढ़ चुके हैं।

अब आपको थोड़ी जानकारी डॉक्टर विक्रम शेट्टी के बारे में भी दे दी जाए सेठी ने राजस्थान की भूमि को अपनी कर्म स्थली बताया था और उन्होंने जयपुर लिंब और जयपुर फुट का आविष्कार भी किया था।

आप यह भी जान ले कि जयपुर में 1975 से भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति द्वारा कृत्रिम जयपुर फुट का निर्माण इन्होंने ही किया था।

बराबर से निर्मित होता था परंतु अब इसरो की सहायता से पोलियो रेती से निर्मित फुट का तैयार होने लगा है।

अभी तक जयपुर फुट को हस्तशिल्प के 1 प्रकार के रूप में माना जाता है परंतु विनियामक की संस्तुति प्राप्त हो जाने के पश्चात इसे शिक्षा पद्धति के रूप में मान्यता इस लेकर में बसी कहना चाहूंगा कि इस लेख में आपने राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व के बारे में जानकारी प्राप्त की है अतः इस को ध्यान से पढ़ें।

  1. केसरी सिंह बारहठ के पुत्र का क्या नाम था?

    प्रताप सिंह बारहठ

  2. भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति का निर्माण किसने करवाया था?

    डॉक्टर विक्रम सेठी

  3. मेवाड़ प्रजामंडल के संस्थापक कौन थे?

    माणिक्य लाल वर्मा

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