राजस्थान की जलवायु का वर्गीकरण

आज इस लेख में हम राजस्थान की जलवायु का वर्गीकरण आपको बताने जा रहे हैं इस लेख में आपको राजस्थान की जलवायु के बारे में संपूर्ण जानकारी पढ़ने को मिलेगी।

राजस्थान की जलवायु

चलिए सबसे पहले मैं आपको राजस्थान की जलवायु के बारे में कुछ सामान्य बातें बता देता हूं।

जलवायु को नमी आर्द्रता उष्णता स्वच्छता सर्दी गर्मी वर्षा मानसून स्थिति समुद्र तल से दूरी अक्षांशीय स्थिति अरावली पर्वतमाला की स्थिति के आधार पर दो भागों में गया है आपको नीचे मिल जाएगी प्रकार का नाम है और क्षेत्र आधारित जलवायु और दूसरी नाम है समय या मौसम आधारित जलवायु।

राजस्थान की जलवायु का वर्गीकरण

क्षेत्र आधारित जलवायु

चलिए अभी अभी ऊपर मैंने आपको राजस्थान की जलवायु का वर्गीकरण बताया है अब आप एक-एक करके दोनों भागों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने जा रहे हैं।

उससे पहले मैं आपको बता दूं कि आधारित जलवायु में 88 प्रदेश उपाध्यक्ष अर्ध शुष्क प्रदेश और शुष्क प्रदेश आते हैं इसमें कुछ जिले आते हैं।

राजस्थान के जो निम्न प्रकार है प्रभात बांसवाड़ा सिरोही का दक्षिण राजस्थान के झालावाड़ बांसवाड़ा डूंगरपुर वे दक्षिणी उदयपुर सवाई माधोपुर बूंदी कोटा चित्तौड़गढ़ करौली 12 धौलपुर अलवर भरतपुर जयपुर अजमेर भीलवाड़ा टोंक श्री गंगानगर हनुमानगढ़ बीकानेर जोधपुर चूरू झुंझुनू सीकर नागौर पाली जालौर जैसलमेर बाड़मेर जोधपुर का उत्तरी भाग बीकानेर का पश्चिमी भाग और श्री गंगानगर का दक्षिणी भाग यह सभी आधारित जलवायु के अंतर्गत आते हैं।

मौसम आधारित जलवायु

आपको बता दें खान के जलवायु पेन के अनुसार चार भागों में वर्गीकृत की गई है हे बीडब्ल्यूएचडब्ल्यू उष्णकटिबंधीय जलवायु प्रदेश दूसरा है बीएसएचडब्ल्यू या नहीं संध्या अर्ध शुष्क स्टेप इन जलवायु एडब्ल्यू याने की कटी बंद है।

आज जलवायु चौथे का नाम है सीडब्ल्यू जी यानी कि आज जलवायु या मानसून वर्षा प्रदेश अभी अभी ऊपर आपने क्षेत्र आधारित जलवायु के बारे में पढ़ा।

अब आप राजस्थान की जलवायु के दूसरे भाग यानी कि समय या मौसम आधारित जलवायु के बारे में पढ़ने जा रहे हैं को बता दें कि राजस्थान की जलवायु को समय के अनुसार समय के आधार पर तीन भागों में विभाजित किया गया है।

ग्रीष्म ऋतु

आपको नीचे दी गई है चलिए सबसे पहले हम पहला प्रकार ग्रीष्म ऋतु यानी मार्च से मध्य जून तक के बारे में पढ़ लेते हैं के मौसम में राज्य के उत्तर पश्चिम में तापमान 39 से 48 डिग्री तक पहुंच जाता है।

इस समय मार्च से मध्य जून तक यहां धूल भरी आंधियां चलती है जिसे काला रेत के टीले बनते रहते हैं और अपना स्थान परिवर्तित करते रहते हैं।

साथ ही आप यह भी जान लीजिए कि तापक्रम की दृष्टि से राजस्थान गर्म शीतोष्ण कटिबंध में आता है जून में सूर्य 21 जून को कर्क रेखा पर अमृत चमकने लगता है।

यह रेखा राजस्थान के दक्षिणी भाग डूंगरपुर बांसवाड़ा से होकर गुजरती है इसलिए जून माह का तापमान वर्ष में सबसे अधिक रहता है।

वर्षा ऋतु

बता दे कि राजस्थान में सबसे ज्यादा गर्मी मई-जून में ही पड़ती है चलिए अब हम दूसरे प्रकार वर्षा ऋतु यानी कि मध्य जून से सितंबर के बारे में पढ़ लेते हैं।

आपको बता दें कि राज्य में मानसून प्रवेश की सामान्य तिथि 15 जून होती है प्रथम इसका आगमन बांसवाड़ा डूंगरपुर प्रतापगढ़ एवं झालावाड़ के क्षेत्रों में ही होता है।

लगभग 1 जुलाई तक लावरी के पूरा क्षेत्र मानसून के आगोश में आ जाता है हम आखरी प्रकार यानी कि शीत ऋतु जो अक्टूबर से फरवरी तक चलती है।

सर्दी का मौसम

उसके बारे में पढ़ लेते हैं दादा की सर्दी का मौसम राजस्थान में नवंबर से प्रारंभ होकर फरवरी माह तक रहता है भारत के मौसम विभाग के अनुसार दो भागों में बांटा जा सकता है।

मानसून की ऋतु और शीत ऋतु राजस्थान की मानसून राजस्थान की जलवायु का वर्गीकरण जिसमें आपको पूरी जानकारी प्रदान की गई है।

  1. राजस्थान की जलवायु को कितने भागो में बांटा जाता है?

    तीन भागो में बांटा जाता है।

  2. राजस्थान में सर्दी का मौसम किस महीने से शुरू होता है?

    नवंबर से।

  3. राजस्थान में वर्षा किस महीने से शुरू होती है?

    15 जून से।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *