राजस्थान की प्रमुख स्मारक

इस लेख में आप राजस्थान की प्रमुख स्मारक के बारे में पड़ेंगे चले के अंतर्गत मैंने कुछ राजस्थान की प्रमुख स्मारकों के बारे में जानकारी प्रदान की है जो अभी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।

प्रमुख स्मारक

चलिए सबसे पहले हम राजस्थान की कुछ प्रमुख स्मारकों के बारे में कुछ सामान्य जानकारी प्राप्त कर लेते हैं राधे की पंडित दीनदयाल उपाध्याय की स्मृति में धानक क्या गांव में स्मारक बनाया जा रहा है।

राजस्थान की प्रमुख स्मारक

जानकारी होनी चाहिए कि धनक क्या गांव जयपुर जिले में पड़ता है साथ ही राणा पूजा की प्रतिमा का अनावरण 5 जून 19 2017 को उदयपुर में किया गया है 10 मार्च 2016 को नागौर में वीर अमर सिंह राठौड़ के स्मारक का लोकार्पण किया गया था।

साथ ही आप यह भी जान लें कि 14 अगस्त 2016 को किशनगढ़ में नागरी दास के स्मारक का शिलान्यास किया गया है अब हम एक-एक करके राजस्थान की कुछ प्रमुख स्मारकों के बारे में पढ़ लेते हैं।

आप सभी से मुझे यही उम्मीद है कि आप इस लेख को बड़े ही ध्यानपूर्वक तरीके से पढ़ेंगे।

राजस्थान की प्रमुख बावड़ियां

पहले हम बात करते हैं बावड़िया के बारे में अंतर्गत हम कुछ महत्वपूर्ण बावरियों के बारे में पढ़ने जा रहे हैं बावड़िया जो होती है वह जन्नत संरक्षण के लिए यानी जल संरक्षण की जड़ को सुरक्षित करने के लिए बनाई जाती है।

राजस्थान के कुछ प्रमुख भाग दिया जो है उसकी जानकारी नीचे दी गई है राजस्थान की भाभियों के अंतर्गत सबसे पहले हम चांद बावड़ी के बारे में कुछ जानकारी प्राप्त कर लेते हैं।

आपको बता दें कि चांद बावड़ी दौसा जिले के आभा नगरी स्थान पर स्थित है अंधेरे उजाले की बावड़ी भी कह देते हैं जयपुर आगरा राष्ट्रीय मार्ग पर स्थित दौसा जिले का हृदय कहीं जाने वाले सिकंदरा के निकट स्थित आभानेरी गांव में चांद बावड़ी है।

मेरी गांव का शुरुआती नाम आभा नगरी था लेकिन बाद में इसका नाम बदलकर आभानेरी कर दिया गया था आपको बता दें कि 9 वीं शताब्दी में निर्मित इस बावड़ी का निर्माण राजा मिहिर भोज ने करवाया था।

उन्हीं के नाम पर इस बावड़ी का नाम चांद बावड़ी पड़ा हड्डी की चौड़ाई 35 मीटर और इसमें 13 मंजिल है जिसकी गहराइयां अगर सीढ़ियों की बात करें तो 35100 सीढ़ियां इसके अंतर्गत है के रूप में बनी सीडीओ के बारे में कहा जाता है कि कोई व्यक्ति जसीडीह से नीचे उतरता है वह वापस कभी उसी सीधी से ऊपर नहीं आ पाता है।

इस बावड़ी का निर्माण भूत-प्रेतों द्वारा किया गया था यह भी कभी-कभी कह दिया जाता है चलिए अब हम जोधपुर में कुछ अन्य बावरियों के बारे में भी पढ़ लेते हैं।

इंजन बावड़ी जो जोधपुर में स्थित है महाराणा सनी देव डीजे इंजन कवर के द्वारा बनवाई गई थी पांचवा मान जी की बावड़ी जोधपुर की एक बावड़ी है सुनंदा की बावड़ी जोधपुर की ही एक बावड़ी है।

राजस्थान की हवेलियां

ऊपर आपने राजस्थान की बावड़ियां के बारे में पढ़ा चलिए अब हम राजस्थान की प्रमुख स्मारक के अंतर्गत राजस्थान की हवेलियां के बारे में भी पढ़ लेते हैं।

आपको बता दें कि राजस्थान के बड़े सेठ साहूकारों ने अपने निवास के लिए हवेलियों का निर्माण करवाया था ढूंढा और मेवाड़ क्षेत्रों की हवेलिया स्थापत्य की दृष्टि से भी रखती है क्षेत्र की हवेलियां अधिक भव्य और कलात्मक है जालियों के झरोखों का नगर है।

पालीवाल नामक वाणिज्य करने वाली जाति नहीं खाबा राठौड़ी कोलद अपनी पीर जैसे राणा हड्डा आदि कलात्मक ग्रह ग्राम बरसाए है।

हवेलियों के बारे में राजस्थान की प्रमुख स्मारक के अंतर्गत क्षत्रिय के बारे में भी पढ़ लेते हैं कि राजाओ श्रेष्ठ हो संतो और वीर स्त्री पुरुषों के मरणोपरांत बने यह स्मृति स्थल इतिहास स्थापत्य शिल्प चित्र चित्रकला और भव्य निर्माण की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है स्त्रियों में सामान्य है।

श्याम और नाथू की छुट्टियों में शिवलिंग नंदी और खड़ाऊ बने हुए हैं और के सिरे मंदिर में नाथों की समाधि ऊपर सुआ नाथ की छतरी पर तोता बना हुआ है।

कुछ क्षत्रियों के नाम है 84 खंभों की छतरी खंभों की छतरी छतरी 32320 खंभों की 1210812 1086 खंबो यह कुछ यह कुछ छतरिया बहुत ही महत्व जाती है आपको यह लेख आपको यह लेख राजस्थान की प्रमुख स्मारक आया है।

  1. वीर अमर सिंह राठौड़ के स्मारक का लोकार्पण कब किया गया था?

    10 मार्च 2016 को।

  2. वीर अमर सिंह राठौड़ के स्मारक का लोकार्पण राजस्थान के किस जिले में किया गया था?

    नागौर में।

  3. राजस्थान के किस गांव में चांद बावड़ी स्थित है?

    आभानेरी गांव में।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *