राजस्थान के राष्ट्रीय पार्क

आज इस लेख में आप राजस्थान के राष्ट्रीय पार्क के बारे में जानकारी प्राप्त करने जा रहे हैं मुझे उम्मीद है कि आप को राजस्थान के राष्ट्रीय पार्क को से जुड़ी सारी जानकारी इस लेख में मिल जाएगी।

राष्ट्रीय पार्क

सबसे पहले मैं आपको राजस्थान के राष्ट्रीय पार्क के बारे में कुछ सामान्य जानकारी प्राप्त ता हूं।

सबसे पहले आप यही जान लीजिए कि राजस्थान में कुल 3 राष्ट्रीय पार्क है जिन की पूरी सूची और पूरी जानकारी नीचे अब एक-एक करके आपको प्रदान की जाने वाली है।

राजस्थान के राष्ट्रीय पार्क

केवलादेव राष्ट्रीय पार्क

अभी अभी ऊपर मैंने आपको बताया है कि राजस्थान में कुल 3 राष्ट्रीय पार्क है जिसमें राष्ट्रीय पार्क केवलादेव राष्ट्रीय पार्क है जिसके बारे में अब हम जानकारी प्राप्त करने जा रहे हैं।

सबसे पहले आपको यही बता दूं कि केवलादेव राष्ट्रीय पार्क का दूसरा नाम घना पक्षी विहार भी है।

साथ ही आप यह भी जान लें कि केवलादेव राष्ट्रीय पार्क भरतपुर में स्थित है 1956 में के स्टेप पाक को अभियान है का दर्जा मिला था 1981 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था।

आपको बता दें कि यूनेस्को से 1985 में विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त करने वाला राजस्थान में यह एक अकेला अभ्यारण है।

आपको यह भी पता होना चाहिए कि गंभीरी और बानगंगा न दिया इस अभयारण्य से ही होकर गुजरती है आपको बता दें कि इस अभयारण्य में लगभग 71 प्रजातियों की तितलियां हैं।

एशिया की सबसे बड़ी प्रजनन स्थली राष्ट्रीय पार्क को माना जाता है आपको बता दें कि गोवर्धन ड्रेनेज प्रोजेक्ट भी इसी राष्ट्रीय पार्क से जुड़ा हुआ है।

राष्ट्रीय पार्क में पानी की समस्या दूर करने के लिए ही गोवर्धन ड्रेनेज प्रोजेक्ट को शुरू किया गया था।

इसके अंतर्गत करौली स्थित पांचना बांध से पानी की आपूर्ति इस पार्क में की गई है साथी आप यह भी जान लें कि घना पक्षी विहार में अजान बांध से 15 एमसीएफटी पानी दिया जा रहा है 85 में विश्व का प्राकृतिक धरोहर में भी केवलादेव राष्ट्रीय पार्क को मंजूरी मिल गई है।

आपको बता दें कि यहां पर प्रवासी पक्षी साहब साइबेरियन सारस ट्रेडर्स डिटेल्स महाभारत में लॉर्ड रोजी 4th ग्रेड लेवल पर प्रमोशन ग्रेड पे लीपन वाइट स्टाक मेड बलसावर पेंटेड गेट वाला को 4:30 घूमने आते हैं।

इस अभियान में राजस्थान का दूसरा सर्पोद्यान भी स्थापित किया गया है चौकोर तक अर्थात चकवा चकवी के लिए भी प्रसिद्ध है।

मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय पार्क

अब हम राजस्थान के अगले राष्ट्रीय पार्क मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय पार्क के बारे में पढ़ लेते हैं को बता दें कि है पार्क कोटा में स्थित है।

इसको 9 जनवरी 2012 को अधिसूचना में जारी किया गया था यह स्थान की तीसरी बाघ परियोजना में क्या गया है राजस्थान में राष्ट्रीय पार्कों की संख्या इसी वजह से 3 हो गई है।

नेशनल पार्क में पाया जाने वाला विशेष प्रजाति का तोता गागरोन ही तो होता है जो मानव की आवाज की नकल भी करता है।

जिसके उपनाम हीरामन तोता एलेग्जेंडर पैरा कीट हिंदुओं का आकाश लोचन है आपको मुकुंदरा पहाड़ी क्षेत्र में ही दर्रा अगर और चंबर अभियान में शामिल है।

रणथंबोर राष्ट्रीय पार्क

चलिए अब हम राजस्थान के तीसरे राष्ट्रीय पार्क रणथंबोर राष्ट्रीय पार्क के बारे में पढ़ लेते हैं।

आपको बता दें कि राष्ट्र थंबोर राष्ट्रीय पार्क सवाई माधोपुर में स्थित है यह भारतीय बाघों का घर भी कहलाता है।

बोर अभयारण्य को 1955 में अभयारण्य का दर्जा मिल गया था नंबर 1980 को राजस्थान के प्रथम राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा भी इसी को मिला था।

आपको बता दें कि राजस्थान का प्रथम राष्ट्रीय अभ्यारण है वह टाइगर प्रोजेक्ट रणथंबोर राष्ट्रीय पार्क की है धूम वन पाए जाते हैं और इस अभयारण्य में गणेश जी का त्रिनेत्र मंदिर भी स्थित है।

  1. राजस्थान में कितने राष्ट्रीय पार्क है?

    तीन राष्ट्रीय पार्क है।

  2. मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय पार्क राजस्थान में कहां स्थित है?

    कोटा में।

  3. केवलादेव राष्ट्रीय पार्क का दूसरा नाम क्या है?

    घना पक्षी विहार

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