सम्प्रेषण का अर्थ और प्रकार

इस लेख में आपको संप्रेषण का अर्थ और संप्रेषण के प्रकार के बारे में जानकारी प्राप्त होगी अतः अगर आप संप्रेषण के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो इस लेख को अवश्य पूरा पढ़ें।

सम्प्रेषण का अर्थ

सबसे पहले हम संप्रेषण के बारे में पढ़ लेते हैं जिसके अंतर्गत संप्रेषण का अर्थ सबसे पहले आपको पढ़ाया जा रहा है।

बता दे कि मन में आए विचारों का आदान-प्रदान जब हम करते हैं तो उसी को संप्रेषण कहा जाता है।

सम्प्रेषण का अर्थ और प्रकार

संप्रेषण शब्द की उत्पत्ति जो हुई है वह लैटिन भाषा के शब्द कम्युनिस्ट से हुई है आपको यह जानकारी खुशी होगी कि सम्प्रेषण  एक ऐसी प्रक्रिया होती है जिसके अंतर्गत मनुष्य अपने विचारों को आधार और प्रदान करता है।

सम्प्रेषण का महत्त्व

संप्रेषण का बहुत ज्यादा महत्व होता है अध्यापक शिक्षण के दौरान बच्चों से बातचीत करके ही उनकी कमियों का निराकरण कर सकता है और बातचीत करने ही करने को ही तो संप्रेषण कहते हैं।

मनुष्य अपने दिन प्रतिदिन की दिनचर्या में संप्रेषण का सहारा लेता ही रहता है जब भी वह दूसरों के साथ कोआर्डिनेशन या फिर कम्युनिकेशन करता है तो वह संप्रेषण के अंतर्गत आ जाता है।

इस लेख को यहां तक पढ़ लेने के बाद मुझे आपसे ऐसी उम्मीद है कि आपको सम्प्रेषण का अर्थ और सम्प्रेषण का महत्त्व अच्छे से समझ आ गया है।

सम्प्रेषण की प्रक्रिया

अभी-अभी ऊपर आपने संप्रेषण का अर्थ पड़ा जिसके बाद संप्रेषण की प्रक्रिया के बारे में भी थोड़ी जानकारी ले लीजिए इसके अंतर्गत हम संप्रेषण प्रक्रिया कैसे होती है वह बताने जा रहे हैं।

स्रोत

संप्रेषण करते समय व्यक्ति अपने विचारों को प्रस्तुत करता है अतः किसी सूचना को दूसरे तक भेजने वाला जो माध्यम होता है उसी को हम स्रोत कहते हैं।

सन्देश

संदेश सूचनाओं का संग्रहण होता है अर्थात है वह विचार होते हैं जो हम दूसरों को पहुंचाते हैं।

एन्कोडिंग

इनकोडिंग जब हम किसी विचार या भावना की अभिव्यक्ति के लिए किसी संकेत या प्रतीक का प्रयोग करते हैं तो उसको इनकोडिंग कहते हैं।

उपकरण

संदेश भेजने के लिए जिन उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है उनको उपकरण कहा जाता है।

डिकोडिंग

यह वह प्रक्रिया होती है जिसमें संदेश प्राप्त करने वाला व्यक्ति संदेश स्रोत से प्राप्त संकेतों या प्रतीकों का टूटना अनुवाद कर संदेश ग्रहण कर सकता है।

संदेश प्राप्तकर्ता

संदेश प्राप्तकर्ता यह वह बंदा होता है जिससे हम अपने विचार को शेयर करते है।

फीडबैक

पृष्ठ पोषण यानी फीडबैक यह प्रतीत होता है जो संदेश प्राप्त करने वाला व्यक्ति संदेश देने वाले को देता है।

अब मुझे आपसे ऐसी उम्मीद है कि आपको सम्प्रेषण की प्रक्रिया बहुत ज्यादा अच्छे से समझ आ गई है जिसे आप दूसरों को भी समझा सकते है।

सन्देश के प्रकार

अभी तक आपने संदेश का अर्थ और संदेश अभी तक आपने संप्रेषण का और अर्थ और संप्रेषण की प्रक्रिया के बारे में पढ़ लिया है जिसके बाद अब आप संप्रेषण के प्रकार के बारे में जानकारी प्राप्त करने जा रहे हैं

संप्रेषण के सभी प्रकारों के नाम दिए जा रहे हैं अतः आप संप्रेषण के प्रकारों के नाम ध्यानपूर्वक पढ़ें ताकि आपको बाद में संप्रेषण से जुड़ी कोई भी परेशानी का सामना न करना पड़े चलिए अब हम संप्रेषण के प्रकार की सूची नीचे पढ़ लेते हैं।

  • अनौपचारिक संप्रेषण
  • औपचारिक संप्रेषण
  • एकल या एकतरफा या वनवे संप्रेषण
  • दोतरफा या 2वे संप्रेषण
  • अंतर वैयक्तिक संप्रेषण
  • शाब्दिक संप्रेषण
  • अशाब्दिक संप्रेषण
  1. सम्प्रेषण किसे कहते है?

    मन में आए विचारों का आदान-प्रदान जब हम करते हैं तो उसी को संप्रेषण कहा जाता है।

  2. फीडबैक किसे कहते है?

    पृष्ठ पोषण यानी फीडबैक यह प्रतीत होता है जो संदेश प्राप्त करने वाला व्यक्ति संदेश देने वाले को देता है।

  3. उपकरण किसे कहते है?

    संदेश भेजने के लिए जिन उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है उनको उपकरण कहा जाता है।

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