अनुसंधान की समस्या का समाधान निकालने से की गई एक कल्पना होती है।

यह शोध समस्या का संभावित समाधान भी होता है

अस्थाई रूप से सही मान लिया जाता है।

परिकल्पना के दो प्रकार होते हैं।

पहले प्रकार का नाम है शून्य परिकल्पना

जिसको अंग्रेजी भाषा में नल हाइपोथिसिस भी कहते हैं

दूसरे प्रकार का नाम है सामान्य परिकल्पना

परिकल्पना हमेशा सामान्य परिकल्पना के अंतर्गत आएगी।